How To Know- If You Have AIDS

 
एड्स व उसके लक्षण(AIDS and its symptoms)-

How To Know-If You Have AIDS very common question in whole world I hope you understand about this think in my this post.
HIV जो एड्स  रोग उत्पन्न करता है, की मुख्य लक्ष्य कोशिकाए(Target Cells)  T4 लिम्फोसाइट्स(T4 lymphocytes) होंती हैं| इस प्रकार जब विषाणु  शरीर में पहुंचकर इन कोशिकाओं को संक्रमित करता है, और एक प्रोवायरस निर्मित करता है जो पोषद कोशिका के DNA में समाविष्ट हो जाता है| इस प्रकार पोषद कोशिका  अंतर्हित संक्रमित हो जाती है|

समय समय प्रोवाइरस सक्रिय होकर पोषद कोशिका में सन्तति विरिओंस का निर्माण करते रहते हैं जो पोषद कोशिका से मुक्त होकर नयी  T4 लिम्फोसाइट्स को संक्रमित करने में पूर्णत: सक्षम होते हैं| इस प्रकार लिम्फोसाइट् क्षति से मनुष्य की प्रतिरक्षण क्षमता धीरे धीरे दुर्बल हो जाती है|

सामान्यत 4 से 12 वर्षों तक तो व्यक्तियों में एचआईवी (HIV) के संक्रमण का पता नहीं चलता कुछ व्यक्तियों को संक्रमण के कुछ हफ्तों के बाद भी सिर दर्द घबराहट हल्का बुखार आदि हो सकता है|धीरे-धीरे प्रतिरक्षण क्षमता कम  होने से जब व्यक्ति एड्स (AIDS) अर्थात उपार्जित प्रतिरक्षा अपूर्णता त  संलक्षण (Acquired Immuno Deficiency Syndrome)  का शिकार हो जाता है|

तो उसे भूख की कमी कमजोरी थकावट पूर्ण शरीर में दर्द खांसी मुख व आंत में गाव, सतत ज्वर (Persist-ant Fever) एवं अतिसार तथा जन्नागो पर मसे हो जाते है अनंतत: इनका प्रतिरक्षण  तंत्र इतना दुर्बल हो जाता है कि व्यक्ति अनेक अन्य रोगों से ग्रसित हो जाता है तथा उसकी मृत्यु हो जाती है|

एड्स रोग का संचरण(Transmission of AIDS)-

रोगी के शरीर से स्वस्थ मनुष्य के साथ रुधिर स्थानांतरण, यौन सबंध, इंजेक्शन की सुई का परस्पर उपयोग, रोगी माता से उसकी संतानों में संचरण आदि | एड्स रोग के विषाणु (Virus) के संचरण की  विधियाँ है |

एड्स जैसी ला इलाज बीमारी का इलाज जानने के लिए पढ़े-  एड्स का इलाज

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